Click to Download this video!

इतने वर्ष कहां थी

Itne varsh kahan the:

Kamukta, hindi sex story मेरी पैदाइश अहमदाबाद में हुई और अहमदाबाद में हम लोग कुछ वर्ष तक रहे लेकिन उसके बाद हम लोग सूरत चले आए सूरत में ही मेरे पिता जी का कपड़ो का कारोबार है। बचपन की वह यादें आज तक मेरे दिल में है मैं माया को आज भी उतना ही ज्यादा याद करता हूं जितना कि पहले किया करता था। माया हमारे पड़ोस में रहती थी माया और उसका परिवार हमारे घर पर भी अक्सर आया जाया करता था उस वक्त मैं सातवीं में ही पढ़ता था लेकिन ना जाने माया मुझे क्यों अच्छी लगती थी। आज तक मैं उसे भूल नहीं पाया हूं मेरे दिमाग से उसका ख्याल अभी तक नहीं निकल पाया है मैं जब भी माया के बारे में सोचता हूं तो मुझे लगता है कि माया और मैं क्या कभी मिल पाएंगे। मैं हमेशा इसी कशमकश में रहता हूं लेकिन मैं माया को मिलना चाहता था और अब मैं बड़ा हो चुका हूं मैं अपने पिताजी के साथ काम संभालने लगा हूं। मेरे पास ना तो माया का कोई नंबर है और ना ही उससे मेरा कोई संपर्क हो पाया है हम दोनों बचपन में एक दूसरे के साथ बहुत खेला करते थे माया और मैं हमारी कॉलोनी में साथ में घूमा करते।

मुझे अब माया से मिलना ही था और इसी सिलसिले में मैं माया से मिलने के लिए अहमदाबाद चला गया मैं जब अहमदाबाद गया तो हम लोग जिस जगह रहते थे मैं वहां पर पहुंचा कॉलोनी तो बिल्कुल वैसे ही थी जैसे पहले हुआ करती थी। मैं जब हमारी कॉलोनी के रामू काका की दुकान में गया तो मैंने उन्हें पहचान लिया था वह बिल्कुल वैसे ही थे जैसे कि पहले थे वह बिल्कुल भी बदले नहीं थे लेकिन वह शायद मुझे पहचान नहीं पाये। मैं उनके पास गया तो वह कहने लगे हां बेटा कहो क्या काम था मैंने उन्हें ऊपर से नीचे तक देखा तो वह बिल्कुल वैसे ही थे मैंने उनसे कहा लगता है आपने मुझे पहचाना नहीं उन्होंने अपने चश्मे को अपने काउंटर से उठाकर पहनना और मेरी तरफ देखने लगे वह मुझे कहने लगे बेटा मैंने तुम्हें नहीं पहचाना तुम कौन हो। मैंने उन्हें कहा काका मैं राहुल हूं पहले हम लोग यहीं रहा करते थे उन्होंने कुछ देर तक अपने दिमाग में जोर डाला तब उन्हें याद आया। वह कहने लगे अरे राहुल बेटा तुम तो बहुत बड़े हो चुके हो और तुम तो बिल्कुल पहचान नहीं आ रहे मैंने रामू काका से कहा हां काका कितने वर्ष भी तो हो चुके हैं वह मुझे कहने लगे आओ बेटा बैठो।

मैं उनके पास बैठ गया वह मुझसे कहने लगे और घर में तुम्हारे मम्मी पापा कैसे हैं मैंने उन्हें कहा मम्मी पापा तो ठीक हैं आप सुनाइए आपका काम कैसा चल रहा है वह कहने लगे मेरा काम तो अच्छा चल रहा है। वह मुझे कहने लगे बचपन में तो तुम बहुत शरारती थी मेरी दुकान से कई बार सामान उठाकर ले जाया करते थे मैंने उनसे कहा काका बचपन की बातें तो कुछ और ही थी लेकिन अब वह उमर नहीं रही। मैंने रामू काका से कहा आप तो बिल्कुल वैसे ही हैं आप बिल्कुल भी नहीं बदले हैं वह कहने लगे हां बेटा हम लोग कहां जाएंगे बस मैं तो इसी कॉलोनी में रहता हूं और यहीं पर मेरी दुकान चल रही है। मैंने काका से कहा अरे काका मुझे आपसे एक काम था वह कहने लगे हां बेटा कहो क्या काम था मैंने उनसे पूछा क्या माया और उसका परिवार अभी भी यहीं पर रहता है। वह मुझे कहने लगे नहीं बेटा वह लोग तो यहां नहीं रहते उन्होंने अपने यहां का घर किराए पर दिया हुआ है और शायद वह लोग कहीं और रहते हैं लेकिन मुझे उनका नंबर नहीं मालूम और यह भी नहीं पता कि वह लोग कहां रहते हैं मुझे करीब 6 महीने पहले वह लोग दिखे थे। मेरे लिए भी यह चिंता का विषय था कि मैं माया को कैसे ढूंढुंगा मैंने काका से कहा आप यदि मेरी मदद कर दे तो आपका मुझ पर बहुत बड़ा उपकार होगा। वह मुझे कहने लगे बेटा इसमे उपकार वाली कोई बात ही नहीं है तुम मुझे काम बताओ कि तुम्हें क्या काम था तो मैंने उन्हें कहा काका यदि आपको माया या फिर उसके घर के किसी भी सदस्य का नंबर मिले तो क्या आप मुझे उनका नंबर दे सकते हैं या जब वह आपको दिखे तो आप मुझे फोन कर दीजिएगा। वह कहने लगे बेटा इसमें एहसान वाली क्या बात है जब भी मुझे वह लोग देखेंगे तो मैं तुम्हें फोन कर दूंगा और तुम्हें उनका नंबर दे दूंगा मैंने रामू काका का नंबर ले लिया और मैं वहां से सूरत लौट आया।

मैं उस दिन का इंतजार कर रहा था की कब रामू काका मुझे माया का नंबर देंगे इस बात को करीब एक महीना हो चुका था लेकिन रामू काका का फोन अभी तक नहीं आया था। मैंने एक दिन उन्हें फोन किया और उनसे पूछा क्या आपको माया के परिवार से कोई भी दिखा तो वह कहने लगे नहीं बेटा मुझे तो कोई भी नहीं दिखा। मैंने उन्हें कहा यदि आपको उनके परिवार से कोई भी दिखता है तो आप मुझे जरूर बताइएगा वह कहने लगे हां बेटा मुझे ध्यान है और मैंने तुमसे कहा था कि मैं तुम्हें जरूर इस बारे में बताऊंगा। मैंने फोन रख दिया और करीब 3 महीने हो चुके थे लेकिन अब तक रामू काका का मुझे फोन नहीं आया था। मैं उनसे फोन पर एक दो बार बात कर चुका था लेकिन मेरे हाथ सिर्फ निराशा ही लिखी थी मैं बहुत ज्यादा परेशान था मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे कैसे माया का नंबर मिलेगा। एक दिन रामू काका का फोन आया तो वह मुझे कहने लगे बेटा मुझे कुछ दिनों पहले माया मिली थी तो मैंने उससे उसका नंबर ले लिया मैं तुम्हें उसका नंबर अभी मैसेज कर के भेज देता हूं। मैं खुशी से फूला नहीं समा रहा था मैं मैसेज का इंतजार करने लगा और जैसे ही रामू काका ने मुझे मैसेज भेजा तो मैं सोचने लगा कि मैं माया को फोन पर क्या कहूंगा। करीब 10 मिनट हो चुके थे 10 मिनट बाद मैंने फोन किया तो माया ने फोन उठाया वह कहने लगी कौन बोल रहा है।

मैंने कुछ देर तक तो कुछ नहीं कहा मेरी दिल की धड़कन बहुत ज्यादा तेज हो चुकी थी लेकिन जब मैंने माया से कहा कि मैं राहुल बोल रहा हूं। वह मुझे कहने लगी राहुल तुमने मुझे इतने सालों बाद फोन किया मैं तुम्हें ना जाने कहां कहां ढूंढ रही थी मैंने तुम्हारे बारे में पता करवाने की कोशिश की लेकिन तुम्हारा पता कहीं नहीं चला। मैंने माया से कहा मैं भी तो तुम्हें इतने सालों से मिस कर रहा था और इसी वजह से मैं अहमदाबाद आया था। मैंने रामू काका से कहा था कि तुम्हारे घर का कोई भी सदस्य दिखे तो आप नंबर ले लीजिएगा रामू काका ने हीं मेरी मदद की। माया भी खुश थी और मैं भी बहुत खुश था हम दोनों एक दूसरे से बचपन में प्यार करते थे लेकिन उस वक्त मैं प्यार का मतलब नहीं समझ पाया था लेकिन जब उस दिन मैंने माया से फोन पर बात की तो मुझे एहसास हुआ कि माया मुझसे प्यार करती है। हम दोनों एक दूसरे से मिलने को बेताब थे मैंने माया से फोन पर कहा हम लोग कब मिलेंगे माया कहने लगी मैं तुमसे मिलने के लिए बहुत बेताब हूं तुम अहमदाबाद आ जाओ। मैंने भी सोचा कि मैं अहमदाबाद चला जाता हूं मैं अहमदाबाद चला गया और इतने वर्षों बाद मैं माया को मिलने वाला था माया मुझे मिलने के लिए रेलवे स्टेशन पर आई हुई थी। जब मै रेलवे स्टेशन पहुंचा तो मैंने वहां उतरते ही माया को फोन किया मेरे सामने ही एक लड़की खड़ी थी उसने फोन उठाया मैंने उसे कहा तुम पीछे मुड़कर देखो उसने जब पीछे मुड़कर देखा तो मैं खुश हो गया। जब मैं ऐसे इतने समय बाद उससे मिला तो मैंने उसे गले लगा लिया मैं बहुत ज्यादा खुश था और माया भी बहुत खुश थी। हम दोनों ही अपने आप को रोक नहीं पाए मैंने माया को रेलवे स्टेशन पर ही किस कर लिया।

मैंने माया का हाथ पकड़ा और कुछ देर तक हम लोग रेलवे स्टेशन पर बैठकर एक दूसरे से बात करते रहे माया बहुत ज्यादा खुश थी माया मुझसे इतने वर्षों का जवाब मांग रही थी कि इतने वर्षों से तुम कहां थे। मैंने माया से कहा हम लोग कहीं चलें मैंने माया से कहा मैं जिस होटल में रुका हूं हम लोग वहां चलते हैं मैं फ्रेश हो जाऊंगा। हम दोनों उसी होटल में चले गए मैं नहा कर जैसे ही बाहर निकला था तो माया मेरी तरफ देखने लगी उसकी नजरों में एक अलग ही जोश था, मैंने माया को किस किया और उसे बिस्तर पर लेटा दिया माया पूरी तरीके से बेचैन हो चुकी थी और उसके अंदर की उत्तेजना जाग चुकी थी मैंने माया के बदन से उसके कपड़े उतारने शुरू किए जब मैंने उसकी पिंक कलर की पैंटी ब्रा को देखा तो मैं उत्तेजित हो गया मैं अपने आपको रोक ना सका। मैंने जैसी ही माया के स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो उसके अंदर की बेचैनी बढ़ने लगी और मेरे अंदर का जोश भी बढ़ने लगा। कुछ देर बाद माया ने मेरे 9 इंच मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू किया और उसे वह चूसने लगी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था करीब एक मिनट तक उसने मेरे लंड को चूसा और मेरा पानी बाहर निकाल दिया था।

मैंने जैसे ही उसकी चिकनी चूत के अंदर अपने लंड को डालने की कोशिश की तो मेरा लंड उसकी योनि में नहीं घुसा लेकिन धीरे-धीरे मैंने अपने लंड को उसकी चूत मे घुसा दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में प्रवेश हुआ तो वह चिल्ला उठी उसकी सील टूट चुकी थी। उसकी योनि से खून आने लगा था लेकिन मुझे बड़ा मजा आ रहा था और उसकी टाइट चूत के मजे मैंने काफी देर तक लिए हम दोनों ही एक दूसरे के बदन को बड़े ही अच्छे से महसूस करते हम दोनों ने एक दूसरे के साथ करीब 5 मिनट तक संभोग किया। मुझे ऐसा लगा जैसे कि कितने साल बाद मेरी इच्छा पूरी हुई है मैंने माया को अपनी बाहों में ले लिया हम दोनों एक दूसरे के साथ नग्न अवस्था में ही लेटे रहे। मुझे माया के साथ मे बड़ा अच्छा लग रहा था हम दोनों ने एक साथ काफी अच्छा समय बिताया, माया और मेरी अब भी बातचीत होती है और हम दोनों एक दूसरे से हर रोज बात किया करते हैं मेरा प्यार माया के प्रति आज भी उतना ही है जितना पहले था।


Comments are closed.


error:

Online porn video at mobile phone


www desi chudai ki kahani combehan aur bhai ki chudai10'11sal ki ladhki ki chudai videoaunty ki chudai ki storywww.antarvashna.comindian suhagraat story in hindichudakkad maa ne gand mara li xxx Hindi storyhindi bhabhi kahaniantarvasna pornsexy hindi story chudaidedi kahanidesi ass gandसेक्स कहानी रियल खून निकलेfuking chootpatni ko chudwayahendi sexysex antarvasnamujhe teacher ne chodavandana ki chudaisaas bahu chudailarke ki chudaihindi desi blueअब चुदवाऊगी बुडी चुतbehan ko chodne ki kahaniandhi bahu ki chudaihindi sex coindiansexkahaniबहन को लंड दिखाया सभी के सामनेsexy mami ki chudai ki kahanichudai kahani indiankamuk bhabhikutte se chudai storyKamuktanew gandi kahanichudhyi ka faydha hindiladki ko chodna haipahli suhagratsabse bada landsix kahanisex story of mamijija sali ki chudai ki kahani hindiwww chud ki chudai comपती सोते समय बेटेसे चुदवाई विडीयोindia rewa gav ki ladki shuhagrat video pronmere sasur ne meri pinty sukhi sex storybhosdi walikahani mami ki chudai kiteacher se chudai storybeti ko choda hindi kahanisalhaj ko chodabhai or behan ki chudaimastram hindi sex kahanijain bhabhimaa beta hindi sex storydada se chudailund chut story hindibhabhi ki boorporn story hindi mehindi gangbang storieshind xxx storysaath kahaniyashweta bhabhi ki chudaihindi indian chudaihindi hiroin sexbahu ki chudai kahanimaa beta ki sex kahanimaa ki chudai stories hindiबस में बोब्स का दुध पिया anterwasna sex storytailors sex storiesgandi suhagratsasu ki chudaiहिजडो की गाड मारी गईbaap ne maa ko chodama ke chodarekha didi ki chudaiभाई का लौड़ा चूत में थोड़ाjabardasti xxx jem karta timelund choot movieMa ko chodne ke like pahle bahan ko chodaholi putaimaa bete ki sex kahanipapa ne aunty ko chodaSixy Biwe biwe ki kahanyaMeri phuti kismat chudai ki kahani photos hindi mesavita bhabhi ki kahani with photojhant